Google Doodle celebrates Begum Akhtar Birthday – Today is Akhtari Bai Faizabadi 103rd Birthday, Who also known as Begum Akhtar (7 October 1914 – 30 October 1974).

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Top 10 Facts About Begum Akhtar:-

Fact 1

Begum Akhtar’s childhood name was Bibbi. She had been the girl of Faizabad’s married lawyer Asghar Hussain along with Tawheed Mushtarbai. Asgar and Mushtaar was able to love eachother. As a consequence of which Bibbis were born Mushtaree came to be twin brothers, both sisters ate poisonous Bibi survived in this however, her sister died. Asghar additionally abandoned Mushtaree and daughter Bibbi, after which both had to fight alone.

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Fact 2 –

Bibbi did not really feel like studying writing. Once in mischief she cut her teacher hair peak. she started singing at age seven. Mother Mushtaree did not consent to this. His training was begun. she took music education from a number of masters. However, the journey wasn’t simple.

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Fact 3 –

At Age 13, Begum had become Akhtari Bai. At precisely the same time, a King of Bihar raped her for the explanation of becoming a grapevine. After this incident, Akhtar became pregnant and she gave birth to daughter Sanno alias Shamima at a youthful age. Fearing the world, she used to share with this girl to become her younger sister. After that the world came to understand that this is simply not his sister however daughter. At age 15, Akhtri Bai landed on platform for its first time in the name of Faizabadi.

Fact 4 –

In her voice, all of the pain of life has been obviously visible. This event took place in Kolkata to gather donations for earthquake victims of Bihar. India Kokila Sarojini Naidu was additionally contained in this app He was rather impressed by the singing of Akhtar and gave them blessings. Later, Naidu even delivered a khadi sari to her in the meeting. Begum Akhtar’s disciple Rita Ganguly states that Akthari has been 11 yrs old during that time of her first performance.

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Fact 5 –

At the time a few individuals even considered her being a Sexual Girls. Begum Akhtar’s 73-year-old disciple Rita Ganguly has written a new novel on her own.

Fact 6 –

she had been scared to move to his hotel room alone. Because alone they encompassed old memories. They started drinking alcohol and smoking cigarettes to overcome their loneliness. The cigarette telephone was therefore high which in Ramazan he would just have eight or even nine days FAst. She had been also a chain smoker.

Fact 7 –

Due to cigarette, Begum Akhtar’d seen the ‘Pakija’ movie six times. Actually, she had to really go out of this cinema to drink some cigarette, and the film might have proceeded forward until she came back. With thisparticular, she used to see the movie again and again ergo she can observe the whole film in six times.

Fact 8

Akhtari Behaved along with singing. In 1939, she quit from the world of music and began living in Lucknow. She came here and found his loveaffair. In 1945, he married Barrister Ishtiaq Ahmed Abbasi, against your family. After that, her name had been Begum Akhtar.

Fact 9

Doctors said that the song could cure her illness. After the husband’s resignation, in 1949, She joined the All India Radio Lucknow and came back to the world of singing. Once Begum Akhtar went to Mumbai to attend a music gathering. At the same time, She suddenly decided that she would go to Hajj. As long as they reached Medina, all their money had ended. SHe started reading the naat(Islamic song) sitting on the ground. A crowd of people got caught and in this way they collected money. Begum Akhtar did not touch liquor after two years after coming from Hajj, but gradually started drinking again.

Fact 10 – 

She received the Sangeet Natak Akademi Award for vocal music, also has been awarded Padma Shri and Padma Bhushan (posthumously) from Govt. of India. She was given the title of Mallika-e-Ghazal (Queen of Ghazals).

Begum Akhtar Facts In Hindi:-

Fact 1

बेगम अख्तर के बचपन का नाम बिब्‍बी था। वो फैजाबाद के शादीशुदा वकील असगर हुसैन और तवायफ मुश्तरीबाई की बेटी थीं। असगर और मुश्तरी एक-दूसरे से प्यार करते थे। जिसके फलस्वरूप बिब्बी पैदा हुई थीं। मुश्तरीबाई को जुड़वा बेटियां पैदा हुई थीं। चार साल की उम्र में दोनों बहनों ने जहरीली मिठाई खा ली थी। इसमें बिब्बी तो बच गईं लेकिन उनकी बहन का देहांत हो गया था। असगर ने भी मुश्तरी और बेटी बिब्‍बी को छोड़ दिया था जिसके बाद दोनों को अकेले ही संघर्ष करना पड़ा।

Fact 2 –

बिब्बी का पढ़ाई-लिखाई में मन नहीं लगा था। एक बार शरारत में उन्होंने अपने मास्टरजी की चोटी काट दी थी। मामूली पढ़ाई के बावजूद उन्होंने उर्दू शायरी की अच्छी जानकारी हासिल कर ली थी। सात साल की उम्र से उन्होंने गाना शुरू कर दिया था। वहीं मां मुश्तरी इसके लिए राजी नहीं थीं। उनकी तालीम का सफर शुरू हो चुका था। उन्होंने कई उस्तादों से संगीत की शिक्षा ली। लेकिन ये सफर आसान नहीं था।

Fact 3 –

13 साल की उम्र में बिब्बी, अख्तरी बाई हो गई थीं। उसी समय बिहार के एक राजा ने उनका कद्रदान बनने के बहाने उनका रेप किया। इस हादसे के बाद अख्तरी प्रेग्नेंट हो गईं और उन्होंने छोटी सी उम्र में बेटी सन्नो उर्फ शमीमा को जन्म दिया। दुनिया के डर से इस बेटी को वह अपनी छोटी बहन बताया करती थीं। बाद में दुनिया को पता चला कि यह उनकी बहन नहीं बल्कि बेटी है। 15 साल की उम्र में अख्तरी बाई फैजाबादी के नाम से पहली बार मंच पर उतरीं।

Fact 4 –

उनकी आवाज में जिंदगी के सारे दर्द साफ झलकते थे। यह कार्यक्रम बिहार के भूकंप पीड़ितों के लिए चंदा इकट्ठा करने के लिए कोलकाता में हुआ था। कार्यक्रम में भारत कोकिला सरोजनी नायडू भी मौजूद थीं। वे अख्तरी बाई के गायन से बहुत प्रभावित हुईं और उन्हें आशीर्वाद दिया। बाद में नायडू ने एक खादी की साड़ी भी उन्हें भेंट में भिजवाई। बेगम अख्तर की शिष्या रीता गांगुली का कहना है कि पहली परफॉर्मेंस के समय अख्तरी बाई की उम्र 11 साल थी।

Fact 5 –

उस समय कुछ लोग उन्हें तवायफ भी समझते थे। बेगम अख्तर की 73 साल की शिष्या रीता गांगुली ने उन पर एक किताब भी लिखी है।

Fact 6 –

अख्तरी बाई अकेलेपन से बहुत घबराती थीं। वो अपने होटल के कमरे में अकेले जाने से डरती थीं। क्योंकि अकेले में उन्हें पुरानी यादें घेर लेती थीं। उन्होंने अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए शराब और सिगरेट पीना शुरू कर दिया। उन्हें सिगरेट की तलब इतनी ज्यादा थी कि रमज़ान में वे केवल आठ या नौ रोज़े ही रख पाती थीं। वो एक चेन स्मोकर थीं।

Fact 7 –

सिगरेट के कारण ही बेगम अख्तर ने ‘पाकीज़ा’ फिल्म छह बार देखी थी। दरअसल, सिगरेट पीने के लिए उन्हें सिनेमाहॉल से बाहर जाना पड़ता था और वापस लौटने तक फिल्म आगे बढ़ चुकी होती थी। इस पर वो दोबारा फिल्म देखने जातीं और इस प्रकार पूरी फिल्म वो छह बार में देख सकीं।

Fact 8

अख्तरी बाई गायन के साथ अभिनय भी करती थीं। 1939 में उन्होंने फिल्म जगत से नाता तोड़ा और लखनऊ आकर रहने लगीं। यहां आकर उन्हें उनका प्यार मिला। 1945 में उन्होंने परिवार के खिलाफ जाकर बैरिस्टर इश्तियाक अहमद अब्बासी शादी कर ली। तभी से उनका नाम बेगम अख्तर पड़ गया।

Fact 9

संतान ना पैदा होने के कारण वो बहुत दुखी रहने लगी थीं। तब डॉक्टरों ने कहा कि गाने से उनकी बीमारी ठीक हो सकती है। तब पति की रजामंदी के बाद 1949 में वे ऑल इंडिया रेडियो लखनऊ से जुड़कर गायन की दुनिया में वापस आ गईं। एक बार बेगम अख्तर एक संगीत सभा में भाग लेने मुंबई गईं। वहीं उन्होंने अचानक तय किया कि वे हज करने मक्का जाएंगी। जब तक वो मदीना पहुंची, उनके सारे पैसे खत्म हो चुके थे। उन्होंने जमीन पर बैठकर नात पढ़ना शुरू कर दिया। लोगों की भीड़ लग गई और इस तरह उन्होंने पैसे जमा किए। हज से आने के बाद दो साल तक बेगम अख्तर ने शराब को हाथ नहीं लगाया, मगर धीरे-धीरे फिर से पीना शुरू कर दिया।

Fact 10

उन्होंने मुखर संगीत के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त किया, और उन्हें पद्म श्री और पद्म भूषण (मरणोपरांत) से सरकार द्वारा सम्मानित किया गया। भारत की। उन्हें मल्लिका-ए-गझल (गजल की रानी) का खिताब दिया गया था।